Career Option – पायलट

12 वी  के बाद अगर आप पायलट बनाना चाहते हो तो उसके लिए आप को कैसे आवेदन करना होगा

एविएशन इंडस्ट्री में पायलट की नौकरी युवाओं को सबसे ज्‍यादा पसंद है. इसकी वजह यह भी है कि इस फील्‍ड में न केवल खूब पैसा है, बल्कि रोमांच भी भरपूर है. और भारत और दुनिया भर में कमर्शियल पायलट की कमी है।
जहां तक सैलॅरी की बात है तो एक कॉमर्शियल पायलट की औसत सैलॅरी एक लाख रुपये से शुरू होकर साढ़े चार लाख प्रति माह तक हो सकती है. फिर देर किस बात की, अगर आपके अंदर भी पायलट बनने का सपना उड़ान भर रहा है ।

Career Option -पायलट

12 वी  के बाद अगर आप पायलट बनाना चाहते हो तो उसके लिए आप को कैसे आवेदन करना होगा

एविएशन इंडस्ट्री में पायलट की नौकरी युवाओं को सबसे ज्‍यादा पसंद है. इसकी वजह यह भी है कि इस फील्‍ड में न केवल खूब पैसा है, बल्कि रोमांच भी भरपूर है. और भारत और दुनिया भर में कमर्शियल पायलट की कमी है। पायलट बनाने के लिए आपको एक पूर्ण प्रक्रिया से जाना होता है

१. आप १२ वी साइंस पास हो, तथा आपने (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स) यह सब्जेक्ट आप के हो।

२. आपकी उम्र कम से कम 16 साल है. 

३. साथ ही आपको कई बेसिक जानकारियों को समझना होगा. जैसे-कॉमर्शियल पायलट बनने केलिए

  • SPL (Student pilot license) और
  • PPL (Private Pilot License) होना जरूरी है.

४. अगर आप पायलट बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको किसी फ्लाइंग क्लब में एडमिशन लेना होता है, जो DGCA (Directorate General of Civil Aviation), गवर्नमेंट ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिये.

इसमें रजिस्‍ट्रेशन के लिये

  • मेडिकल सर्टिफिकेट,
  • सिक्योरिटी क्लीयरेंस और
  • बैंक गारंटी होनी चाहिए .

५. इसके बाद आपको एयर रेग्यूलेशंस, एविएशन मेट्रोलॉजी, एयर नेविगेशन और इंजन के बारे में एक एग्‍जाम देना होता है. इन सबको सफलतापूर्वक पूरा कर लेने के बाद SPL का सर्टिफिकेट मिल जाता है.

इसके बाद अगला कदम होता है PPL हासिल करना.

  • इसके लिए करीब 60 घंटे तक उड़ान भरना जरूरी होता है. उड़ान भी कई तरह की होती है.
  • कई बार अकेले तो कई बार ट्रेनर के साथ विमान उड़ाया जाता है.
  • इसके बाद PPL का पेपर दिया जा सकता है.
  • इसके लिये उम्र सीमा कम से कम 17 साल और क्लास 12 पास होने के साथ ही
  • आर्म्ड फोर्सेज़ सेंट्रल मेडिकल इस्टैब्लिशमेंट से मेडिकल सर्टिफिकेट होना जरूरी है.

६.PPL के बाद CPL (Commercial pilot license) मिलता है. CPL के लिए 250 घंटे की उड़ान पूरी होनी जरूरी है जिसमें PPL के 60 घंटे जुड़े होते हैं.इसके अलावा दिल्ली में एक मेडिकल टेस्ट होता है. इसके साथ ही एक और एग्‍जाम भी देना होता है. CPL मिलने के बाद ही आप पेशेवर पायलट के तौर पर काम कर सकते हैं.

कौन हैं योग्य कैंडिडेट: – 

  • इस फील्ड में आने के लिए यह जरूरी है कि आई-साइट बेहतरीन हो. हाथ और पैरों का तालमेल यानी मोटर स्किल्स कॉर्डिनेशन काफी अच्छा हो.
  • एक सफल पायलट बनने के लिए जरूरी है कि आप न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ हों.
  • बेस्ट पायलट आप तभी बन पाएंगे जब आपमें फ्लाइंग के प्रति जुनून होगा.

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